नई दिल्ली/गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में रोजगार बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक नौकरी से जोड़ने के लिए Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana 2025 (PMVBRY) की शुरुआत की है। करीब ₹1 लाख करोड़ के पैकेज के साथ आई इस योजना से अगले दो सालों में 3.5 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार अवसर बनने का अनुमान है।
गुजरात सरकार का कहना है कि राज्य अकेले ही 35–40 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ सकता है। इसमें से लगभग 15 लाख पहले बार नौकरी करने वाले युवा होंगे, जबकि 20–25 लाख असंगठित श्रमिक औपचारिक क्षेत्र में शिफ्ट होंगे।
योजना की अवधि और बजट
योजना लागू रहेगी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक।
केंद्र सरकार ने इसके लिए ₹99,446 करोड़ का बजट मंजूर किया है।
यह योजना Prime Minister’s Employment and Skilling Package का हिस्सा है।
क्या मिलेगा कर्मचारियों और नियोक्ताओं को?
कर्मचारियों के लिए (Part A)
पहली बार औपचारिक नौकरी में आने वाले युवाओं को मिलेगा एकमुश्त ₹15,000 का इंसेंटिव।
यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी – पहली 6 महीने बाद और दूसरी 12 महीने बाद (साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी प्रोग्राम पूरा करने पर)।
योग्यता: सैलरी ₹1 लाख प्रति माह से कम होनी चाहिए।
नियोक्ताओं के लिए (Part B)
नए कर्मचारियों की भर्ती करने पर नियोक्ता को मिलेगा ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह प्रति कर्मचारी।
यह इंसेंटिव 2 साल तक रहेगा, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इसे 4 साल तक बढ़ा दिया गया है।
शर्त:
50 से कम कर्मचारी वाली कंपनियों को कम से कम 2 नए लोग रखने होंगे।
50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम से कम 5 नए लोग रखने होंगे।
गुजरात का रोजगार लक्ष्य
गुजरात सरकार ने बताया कि राज्य का Labour Force Participation Rate (LFPR) 55% और Worker Population Ratio (WPR) करीब 50% है। राज्य में पहले से ही 53,000+ EPFO रजिस्टर्ड यूनिट्स हैं, जिससे योजना का फायदा जल्दी पहुंचेगा।
सेक्टर-वाइज नए रोजगार का अनुमान
मैन्युफैक्चरिंग: 12–14 लाख (Sanand, Rajkot, Ankleshwar, Dahej hubs)
टेक्सटाइल्स और अपैरल: 5–6 लाख (Surat, Ahmedabad, Bharuch)
कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट: 7–8 लाख (Dholera SIR, GIFT City, Green Energy Corridors)
सर्विसेज, लॉजिस्टिक्स और IT: 4–5 लाख (Gandhinagar IT-ITeS, GIFT IFSC, Kandla, Mundra)
महिलाओं और MSMEs को भी फायदा
योजना से 6–7 लाख महिला कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा, खासकर टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर में।
करीब 8–10 हजार MSMEs पहली बार EPFO में रजिस्टर होकर सरकार के इंसेंटिव का फायदा उठा सकते हैं।
डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम
सभी भुगतान DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में होंगे।
कर्मचारियों को UMANG ऐप से UAN नंबर जनरेट करना होगा (Face Authentication के जरिए)।
नियोक्ताओं को अपने PAN लिंक्ड बैंक अकाउंट देना होगा।
योजना के लिए अलग से पोर्टल लॉन्च किया गया है:
क्यों खास है यह योजना?
सरकार का मानना है कि PMVBRY से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा बल्कि:
असंगठित क्षेत्र से लाखों लोग औपचारिक रोजगार में आएंगे।
EPF और ESIC जैसी सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा ज्यादा लोगों को मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana 2025 देश के युवाओं, महिलाओं और उद्योगों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। अगर यह योजना सही ढंग से लागू होती है तो यह न सिर्फ 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार अवसर पैदा करेगी, बल्कि भारत के Viksit Bharat @2047 के विजन को भी मजबूती देगी।
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