punjab flood news in hindi: जानें पूरी जानकारी, नुकसान, राहत और मौसम की स्थिति

पंजाब में 2025 की बाढ़ राज्य के इतिहास की सबसे गंभीर बाढ़ों में से एक बन गई है। अगस्त से जारी लगातार भारी बारिश, नदियों का उफान और बांधों से पानी की नियंत्रित निकासी ने 23 ज़िलों को प्रभावित किया है। यह बाढ़ 1988 की भीषण बाढ़ की याद ताजा कर रही है।


बाढ़ का प्रभाव

1. मृत्यु और विस्थापन

  • अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है।

  • 3.55 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

  • 1,655 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं।

  • बर्नाला जिले में एक बुज़ुर्ग दंपत्ति की घर ढहने से मौत हुई।

2. कृषि पर प्रभाव

  • लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई।

  • मुख्य रूप से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ।

  • गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोज़पुर और फाजिल्का जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।

3. बाढ़ के कारण

  • सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियाँ उफान पर हैं।

  • भाखड़ा, रंजीत सागर और पोंग बांधों से पानी की नियंत्रित निकासी स्थिति को और गंभीर बना रही है।


राहत और बचाव कार्य

  • पंजाब सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राज्य को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है।

  • गुरदासपुर जिले में 324 गांवों से 5,581 लोगों को सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ और पुलिस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की घोषणा की और लोगों से मदद की अपील की।

  • कई राज्यों और केंद्र सरकार की एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।


मौसम की स्थिति

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 4 से 8 सितंबर तक पंजाब में बारिश में कमी आने की संभावना है, लेकिन हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।


सामाजिक और आर्थिक पहलू

  • मनोरंजन और समर्थन: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रार्थना भेजी और लोगों को साहस बनाए रखने का संदेश दिया।

  • वित्तीय सहायता: लुधियाना के MSME फोरम ने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज मांगा।


निष्कर्ष

पंजाब की बाढ़ 2025 ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। मौत, विस्थापन और कृषि नुकसान के बावजूद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। सरकार और समाज दोनों मिलकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।

पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

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