भारत के इतिहास में मुग़ल साम्राज्य का नाम हमेशा लिया जाता है और उसमें सबसे लंबे समय तक राज करने वाले बादशाह थे Aurangzeb आलमगीर। उन्होंने लगभग 49 साल तक राज किया, लेकिन उनके जीवन के आख़िरी 27 साल सबसे ज्यादा कठिन, भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण साबित हुए। इस दौर में अपनों की मौत, साम्राज्य की बगावतें और वारिस का संकट लगातार उनका पीछा करता रहा।
Aurangzeb के शासन की झलक (Aurangzeb Reign Overview)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| शासनकाल | 1658 – 1707 (49 वर्ष) |
| आख़िरी 27 साल | 1680 – 1707 |
| मुख्य चुनौती | पारिवारिक संकट, बगावतें और वारिस का प्रश्न |
| मृत्यु | 20 फरवरी 1707, अहमदनगर (महाराष्ट्र) |
अपनों की मौत और तन्हाई
Aurangzeb का निजी जीवन बेहद दुखद रहा। उनके करीबी और विश्वासपात्र धीरे-धीरे दुनिया से चले गए। बेटे और रिश्तेदारों के बीच आपसी मनमुटाव ने उन्हें और भी अकेला कर दिया।
बेटों में आपसी लड़ाई
परिवार में भरोसे की कमी
करीबी लोगों की मौत से गहरा मानसिक असर
वारिस का संकट (Succession Crisis of Aurangzeb)
Aurangzeb की सबसे बड़ी चिंता थी कि उनके बाद मुग़ल साम्राज्य का वारिस कौन होगा?
उनके बेटे एक-दूसरे से उलझे रहते थे।
सत्ता के लिए आपसी संघर्ष शुरू हो चुका था।
Aurangzeb को यकीन हो गया था कि उनकी मौत के बाद साम्राज्य टूटने लगेगा।
👉 यही वजह है कि 1707 में उनकी मौत के तुरंत बाद मुग़ल साम्राज्य की ताक़त गिरने लगी।
Aurangzeb की धार्मिक नीतियां और साम्राज्य की कमजोरी
Aurangzeb ने अपने शासन में सख्त धार्मिक नीतियां लागू कीं।
जिज़िया कर लगाया गया।
मंदिरों को गिराया गया।
शरिया कानूनों को और सख्ती से लागू किया गया।
इन फैसलों ने समाज में असंतोष पैदा किया और कई राज्यों ने मुग़लों से विद्रोह कर दिया।
Aurangzeb की तन्हाई भरी ज़िंदगी
इतिहासकार बताते हैं कि अपने अंतिम दिनों में Aurangzeb बेहद अकेले हो गए थे।
वह साधारण कपड़े पहनते थे।
साधारण तरीके से जीवन जीते थे।
अपने परिवार से कटा हुआ महसूस करते थे।
👉 20 फरवरी 1707 को जब उनकी मौत हुई, तो कहा जाता है कि उन्होंने अपनी कब्र के लिए भी पैसे खुद अपने हाथों से कमाए थे।
Aurangzeb की विरासत (Legacy of Aurangzeb)
सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले मुग़ल सम्राट।
साम्राज्य को पूरे भारत में फैलाया, लेकिन अंदरूनी टूट-फूट बढ़ाई।
उनकी कठोर नीतियों ने मुग़ल साम्राज्य की नींव कमजोर कर दी।
निष्कर्ष
Aurangzeb के आख़िरी 27 साल इस बात का सबक देते हैं कि ताक़त और ताज हमेशा स्थायी नहीं होते।
अपनों का भरोसा और समाज का विश्वास खोने के बाद सबसे बड़ी सल्तनत भी धीरे-धीरे बिखर जाती है।
FAQs – Aurangzeb के आख़िरी सालों पर
प्रश्न 1: Aurangzeb कितने साल तक मुग़ल सम्राट रहे?
उत्तर: Aurangzeb 1658 से 1707 तक करीब 49 साल तक मुग़ल सम्राट रहे।
प्रश्न 2: Aurangzeb के आख़िरी 27 साल क्यों मुश्किल थे?
उत्तर: इस दौरान उनके करीबी लोगों की मौत हुई, बेटों में आपसी झगड़े हुए और साम्राज्य विद्रोहों से घिर गया।
प्रश्न 3: Aurangzeb की मृत्यु कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर: Aurangzeb की मृत्यु 20 फरवरी 1707 को अहमदनगर (महाराष्ट्र) में हुई थी।
ALSO READ- OnePlus Pad 3 India Launch 2025
